Hanuman Bhajan: 'मोरे संकट के कटैया हनुमान'... ऐका बजरंगबलीची ही १० सुपरहिट भजनं आणि भक्तिरसात व्हा तल्लीन

Published : Apr 02, 2026, 10:46 AM IST
Hanuman Bhajan: 'मोरे संकट के कटैया हनुमान'... ऐका बजरंगबलीची ही १० सुपरहिट भजनं आणि भक्तिरसात व्हा तल्लीन

सार

यावर्षी हनुमान जयंती २ एप्रिल, गुरुवारी साजरी होणार आहे. या खास दिवशी हनुमानाच्या सुंदर भजनांनी दिवसाची सुरुवात केल्यास सर्व प्रकारची शुभ फळं मिळू शकतात. म्हणूनच आम्ही तुमच्यासाठी घेऊन आलो आहोत १० सुपरहिट भजनांचे लिरिक्स.

Hanuman Ji Ke Bhajan Lyrics: कलियुगात हनुमानाला जिवंत देवता मानलं जातं, म्हणजे आजही ते पृथ्वीवर वास करतात असं म्हणतात. दरवर्षी चैत्र पौर्णिमेला हनुमानाचा जन्मोत्सव साजरा केला जातो. यावर्षी हा उत्सव २ एप्रिल, गुरुवारी आहे. या दिवशी हनुमानाच्या मंदिरात भक्तांची मोठी गर्दी होते. हनुमानाच्या भक्तीसाठी ही तिथी खूप खास मानली जाते. या दिवसाची सुरुवात हनुमानाच्या भजनांनी करायला हवी. चला तर मग, आम्ही तुमच्यासाठी घेऊन आलो आहोत १० सुपरहिट हनुमान भजनांचे लिरिक्स…

 

‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ भजनाचे बोल

ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान
हमारे संकट काटो प्रभु
ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान
हमारे संकट काटो प्रभु
अरे अंजनी पुत्र केसरी नंदन तुम जग जग के काटत बंधन,
तुमरे हृदय बसे रघुनंदन हाँ,
अंजनी पुत्र केसरी नंदन तुम जग जग के काटत बंधन,
तुमरे हृदय बसे रघुनंदन की तुमरे हृदय में
हाँ तुमरे हृदय में बैठे सीताराम हमारे संकट काटो प्रभु
हो मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट काटो प्रभु
अरे तुमको जानत है जग सारो संकट मोचन नाम तुम्हारो,
आके संकट हरो हमारो
हाँ तुमको जानत है जग सारो संकट मोचन नाम तुम्हारो,
आके संकट हरो हमारो की तुमको संकट मोचन
हाँ तुमको संकट मोचन मानत है भगवान हमारे संकट काटो प्रभु
हो मोरे संकट के कटैया हनुमान हमारे संकट काटो प्रभु
अरे बड़े बड़े दानव सब मारे रामचंद्र के काज सवारे,
आके संकट हरो हमारे हाँ बड़े बड़े दानव सब मारे रामचंद्र के काज सवारे,
आके संकट हरो हमारे
ए लक्षण जी के अरे हाँ लक्षण जी के बचालय तुमने प्राण
हमारे संकट काटो प्रभु
मोरे संकट के कटैया हनुमान
हमारे संकट काटो प्रभु
ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान
हमारे संकट काटो प्रभु
 


‘वीर हनुमाना अति बलवाना’ भजनाचे बोल

वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे लिरिक्स हिंदी में
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे।
जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
बजरंग बाला फेरू थारी माला, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
बजरंग बाला फेरू थारी माला, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
ना कोई संगी, हाथ की तंगी, जल्दी हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
ना कोई सांगी, हांत की तंगी, जल्दी हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी, कृपा करियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी, कृपा करियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा, संकट हरियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।
वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे,
प्रभु मन बसियो रे ।



‘श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’ भजनाचे बोल

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,
देख लो मेरे दिल के नगीने में ॥
मुझको कीर्ति ना वैभव ना यश चाहिए,
राम के नाम का मुझ को रस चाहिए,
सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
अनमोल कोई भी चीज,
मेरे काम की नहीं,
दिखती अगर उसमे छवि,
सिया राम की नहीं ॥
राम रसिया हूँ मैं, राम सुमिरण करूँ,
सिया राम का सदा ही मै चिंतन करूँ,
सच्चा आनंद है ऐसे जीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
फाड़ सीना हैं, सब को ये दिखला दिया,
भक्ति में मस्ती है, सबको बतला दिया,
कोई मस्ती ना, सागर को मीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मे,
देख लो मेरे दिल के नगीने में ॥



‘कीजो केसरी के लाल’ भजनाचे बोल

कीजो केसरी के लाल मेरा छोटा सा यह काम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम,
मैं राम संग जपता तुम्हारा सदा नाम,
अपने राम जी से कह देना जय सिया राम
दीन हीन के सहारे महावीर तुम हो,
अपने भक्तो की जगाते तकदीर तुम हो,
हर दुखिया का हाथ तुम लेते हो थाम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम
महाबली महायोद्धा महासंत तुम हो,
लाते सूखे हुए बागो में बसंत में तुम हो,
तेरी भक्ति से आत्मा को मिलता आराम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम
पूरी सदा ही हमारी हर आस करना,
बाबा भक्तो को कभी ना निराश करना,
दोनों चरण तुम्हारे हैं ‘लख्खा’ के सुखदाम,
मेरी राम जी से कह देना जय सियाराम



‘मंगल मूर्ति राम दुलारे’ भजनाचे बोल

मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण ।
तीनो लोक तेरा उजियारा,
दुखियों का तूने काज संवारा,
तीनो लोक तेरा उजियारा,
दुखियों का तूने काज संवारा,
हे जगवंदन केसरी नंदन,
हे जगवंदन केसरी नंदन,
कष्ट हरो हे कृपा निधान,
कष्ट हरो हे कृपा निधान ।
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
हे महावीर करो कल्याण ।
तेरे द्वारे जो भी आया,
खाली नहीं कोई लौटाया,
तेरे द्वारे जो भी आया,
खाली नहीं कोई लौटाया,
दुर्गम काज बनावन हारे,
मंगलमय दीजो वरदान,
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा,
तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा,
राम लखन सीता मन बसिया,
शरण पड़े का कीजै ध्यान,
शरण पड़े का कीजै ध्यान ।
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे,
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण,
करो कल्याण, करो कल्याण..



‘दुनिया चले ना श्री राम के बिना’ भजनाचे बोल

दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना ।
जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है,
रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना ॥
लक्ष्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था,
लक्ष्मण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना हनुमान के बिना ॥
सीता हरण की कहानी सुनो, ‘बनवारी’ मेरी जुबानी सुनो,
वापिस मिले ना श्री राम के बिना, पता चले ना हनुमान के बिना ॥
बैठे सिंघासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हैं हनुमान जी,
मुक्ति मिले ना श्री राम के बिना, भक्ति मिले ना हनुमान के बिना ॥



‘माँ अंजनी के लाल’ भजनाचे बोल

माँ अंजनी के लाल,
कलयुग कर दियो निहाल,
ओ पवन पुत्र हनुमान,
तुम श्री राम के सेवक हो।
शिव शंकर के अवतार
मेरे बालाजी सरकार
ओ पवन पुत्र हनुमान
तुम श्री राम के सेवक हो।
तू माँ अंजनी का जाया
शिव अवतारी कहलाया
पाकर के अद्भुत शक्ति
संसार में मान बढाया
तुम श्री राम के सेवक हो।
तेरी सूरत कुछ कपी सी
कुछ मानव सी सुहाय
मन में राम समाए
और तन सिंदूर रमाये
तेरी छाती बज्र समाये
तुम श्री राम के सेवक हो।
जब हरण हुआ सीता का
कुछ पता नही लग पाया
तूने जा के लंका नगरी
माँ सीता का पता लगाया
तूने राक्षस सब पछाड़े
पहले गरजे फिर दहाड़े
सबको मिलकर दिए पछाड़
तुम श्री राम के सेवक हो।
माँ अंजनी के लाल,
कलयुग कर दियो निहाल,
ओ पवन पुत्र हनुमान,
तुम श्री राम के सेवक हो।



‘हनुमान तुम्हारा क्या कहना’ भजनाचे बोल

कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना
कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना ।
तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहन..
सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समुन्दर पार गये।
लंका को किया श्मशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना।
तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहना..
जब लखनलाल को शक्ति लगी तुम घोलगिर पर्वत लाये,
लक्ष्मण के बचाये आ कर के तब प्राण तुम्हारा क्या कहना।
तेरी शक्ति का क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहना..
तुम भक्त शिरोमणि हो जग मे तुम वीर शिरोमणि हो जग मे,
तेरे रोम रोम मे बसते हैं सियाराम तुम्हारा क्या कहना..



‘जय हो जय हो तुम्हारी बजरंग बली’ भजनाचे बोल

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली,
लेके शिव रूप आना गजब हो गया,
त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी,
तेरा कलयुग में आना गजब गो गया ॥
बचपन की कहानी निराली बड़ी,
जब लगी भूख हनुमत मचलने लगे,
फल समझ कर उड़े आप आकाश में,
तेरा सूरज को खाना गजब हो गया ॥
कूदे लंका में जब मच गयी खलबली,
मारे चुनचुन कर असुरो को बजरंगबली,
मार डाले अच्छो को पटककर वही,
तेरा लंका जलाना गजब हो गया ॥
आके शक्ति लगी जो लखनलाल को,
राम जी देख रोये लखनलाल को,
लेके संजीवन बूटी पवन वेग से,
पूरा पर्वत उठाना गजब हो गया ॥
जब विभीषण संग बैठे थे श्री राम जी,
और चरनो में हाजिर थे हनुमान जी,
सुन के ताना विभीषण का अंजनी के लाल,
फाड़ सीना दिखाना गजब हो गया ॥
जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली,
लेके शिव रूप आना गजब हो गया,
त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी,
तेरा कलयुग में आना गजब गो गया ॥



‘छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना’ भजनाचे बोल

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
कहते लोग इसे राम का दिवाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
पाँव में घूंघरु बांध के नाचे
राम जी का नाम इसे प्यारा लागे
राम ने भी देखो इसे खुब पहचाना
॥ छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना...॥
जहाँ जहाँ कीर्तन होता श्रीराम का
लगता हैं पहरा वहाँ वीर हनुमान का
राम के चरण में हैं इनका ठिकाना
॥ छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना...॥
नाच नाच देखो श्रीराम को रिझाये
बनवारी देखो नाचता ही जाये
भक्तों में भक्त बडा दुनियाँ ने माना
॥ छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना...॥
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
कहते लोग इसे राम का दिवाना
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

 

 

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